अति लघुकथा
जिस दिन कोई कुत्ता अपनी रोटी के लिए नहीं, कुकरधर्म के कारण अपने मालिक को काटने दौड़ेगा, उस दिन से देश की सूरत बदल जाएगी।
कुत्ता= मीडियाकर्मी, रोटी= वेतन, कुकरधर्म= वफादारी, इमानदारी, मालिक= नेता, पूँजीपति।
डॉ. उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
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