लघुकथा:
मुसलमान टोले में हुए गोकशी के खिलाफ़ हिन्दू उग्र हो गये। फिर वे कई गाड़ियों पर लाल झंडे लगाकर "गोकशी बंद हो" के नारे लगाते हुए संसद का घेराव करने के लिए आगे बढ़ते गये। गाड़ियों ने सड़क पर खेलते हुए कई बच्चों को रौंद डाला! उनकी चींख "जय श्रीराम" और "गोकशी बंद हो, गाय हमारी माता है" के नारे में गुम होती चली गई!! लेकिन किसी ने रूक कर यह नहीं देखा कि वे बच्चे हिन्दू के हैं या मुसलमान के!!
डाॅ.उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
मुसलमान टोले में हुए गोकशी के खिलाफ़ हिन्दू उग्र हो गये। फिर वे कई गाड़ियों पर लाल झंडे लगाकर "गोकशी बंद हो" के नारे लगाते हुए संसद का घेराव करने के लिए आगे बढ़ते गये। गाड़ियों ने सड़क पर खेलते हुए कई बच्चों को रौंद डाला! उनकी चींख "जय श्रीराम" और "गोकशी बंद हो, गाय हमारी माता है" के नारे में गुम होती चली गई!! लेकिन किसी ने रूक कर यह नहीं देखा कि वे बच्चे हिन्दू के हैं या मुसलमान के!!
डाॅ.उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
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