बूढ़ा बाप

बूढ़ा बाप

लौट आता हूँ देर शाम थक-हारकर वहीं, जहाँ से कह के निकला था कि अब न लौटूंगा कभी, चाहे कुछ हो जाए भटक जाऊंगा कहीं वीरान जंगलों में या ल...
वह लौट आयी

वह लौट आयी

पिताजी लौट आए देर रात थक-हारकर बाजार की हर गली हर चौराहे ही नहीं झाड़ियों और नालों में खोजकर वह नहीं मिली, कहीं भी नहीं! माँ की आँखे...