उसने कहा था

उसने कहा था

उसने कहा था, हमारा प्रेम है कितना शुभ्र कितना ठोस, स्फटिक की तरह कितना टिकाऊ, जैसे पत्थर पर खिंची लकीर। पर जीवन के एक झोके में मलिन हो गयी, ...