उसने कहा था

उसने कहा था

उसने कहा था, हमारा प्रेम है कितना शुभ्र कितना ठोस, स्फटिक की तरह कितना टिकाऊ, जैसे पत्थर पर खिंची लकीर। पर जीवन के एक झोके में मलिन हो गयी, ...
वैश्विक महामारी के समय में योग की महत्ता

वैश्विक महामारी के समय में योग की महत्ता

               वर्तमान समय में हम सभी वैश्विक महामारी (कोरोना) से जूझ रहे हैं। इसने अतीत में हुए विनाश के समस्त प्रतिमानों को ध्वस्त कर दिया...
निपुत्तर

निपुत्तर

            भादव की घनघोर अंधेरी रात। आकाश में उमड़ते-घुमड़ते बादल। शीतल बूंदों से नहा रही है प्रकृति। इसी रात भगवान श्रीकृष्ण अवतरित हुए है...
तुम पास हो

तुम पास हो

 तुम पास हो फिर भी नजरें उदास हैं हमारी भी तुम्हारी भी हर सुख और दुख बाँट लेते थे तुमसे हर तन्हाई में तुम साथ रहते थे मेरे तुम थे तो मैं टूट...
झूठा है महावृत्तांत, झूठी हैं सब कहानायाँ

झूठा है महावृत्तांत, झूठी हैं सब कहानायाँ

झूठा है महावृत्तांत झूठी हैं सब कहानियाँ कुंठित है हमारा इतिहास और पुराण, क्योंकि सत्य को अक्सर छिपाया है सबने जिस सीता ने बाएँ हाथ से उठाया...
हिन्दी हैं हम!

हिन्दी हैं हम!

प्यारे मित्रो और विद्यार्थियों!           हिन्दी की तमाम परीक्षाएँ- स्कूल शिक्षक से लेकर भाषा अधिकारी, प्रवक्ता पद एवं प्राध्यापक पद तक में ...