भूख

भूख

लघुकथा          जाड़े की कँपकपाती हुई सुबह में कुहरे की गुहा को भेदते हुए एक- एक कर चार मैनें(एक प्रकार की चिड़िया) खेत में उतर आये। खेत ...
मुझे आने दो

मुझे आने दो

माँ! मुझे आने दो पीड़ा तो होगी तुम्हें अवश्य, पर पाओगी तुम भी गर्व मातृत्व का, होगा पूर्ण तेरा भी नारीत्व, जिसके लिए कर दिया था तून...
कापीराइट

कापीराइट

कविता कौन कहता है कि इस दुनिया को ईश्वर ने रच- रच कर बनाया है? मुझे तो लगता है कि इसे जरूर किसी मजदूर ने बनाया होगा। उसने ही गढ़ा हो...
मुआवजा

मुआवजा

कहानी         कंपनी ने जब किसी की एक न सुनी तो सारे मजदूर सड़क पर उतर आये। जीतन अपने दोनों बैसाखियों को  काँख में दबाए हुए सबसे आगे चल रह...