लघुकथा
'नियोजित शिक्षकों को मिला दीपावली का तोहफा'
'वेतन के लिए तीन सौ करोड़ की राशि विमुक्त'
अखबार का यह हेडलाइन पढ़ते ही केतन का चेहरा खिल उठा। आँखें चमकने लगीं। उसने लाल चाय की चुस्की लेते हुए कप को किनारे रखा और अपने मोबाईल से समाचर की तस्वीर लेकर तुरंत 'नियोजित शिक्षक- समूह' पर प्रेषित कर दिया।
समाचार प्रेषित होने की देरी थी कि शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
- शर्मा जी ये किस अखबार का कटिन है?
- जागरण का।
- चलो, इंतजार की घड़ी ख़तम हुई!
- मिल जाए तब तो!
- आप भी न! अब कैसे नहीं मिलेगी? सरकार ने राशि विमुक्त कर दी है!
- राय जी भूल गए.... वेतन तो दुर्गा पूजा में मिलने वाली थी! जब तक हाथ न आ जाए तब तक......
- यार बहुत कड़की चल रही है! हाथ पूरा खाली है!
एडविन महोदय का फरमान- "समूह के सभी मित्रो से विनम्र निवेदन है कि कृपया समूह पर निजी संवाद न करें। समूह की मर्यादा का ध्यान रखें। अन्यथा......."
केतन के मुँह का स्वाद बिगड़ गया। उसने चाय को एकबारगी हलक़ में उतार दिया।
धनतेरस आ गया।
बाज़ार सज गये।
लोग सज- सँवर कर अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए बाज़ार निकल पड़े।
केतन मोबाइल पर आ रहे हर मैसेज पर नज़र गड़ाए हुआ था। मैसेज आ रहे थे कभी 'हैप्पी धनतेरस' तो कभी 'दीपावली की अग्रिम बधाईयाँ ।
दीपावली आ गयी।
दीप जल उठे। चारों ओर जगमग।
केतन के घर में रोज़ की तरह आज भी वही लैम्प जल रहा था। बस, और दिनों की अपेक्षा किसी ने उसकी कान अधिक ऐंठ दी थी।
मोबाइल पर झन्न से मैसेज आया। केतन की आँखें चमक उठीं। मैसेज था कि आपके जियो नंबर 6201464897 के प्लान की वैधता 07-10-2018 (अर्थात् उसी रात) को समाप्त हो जाएगी|सेवायें अखंडित चालू रखने के लिए आपको तुरंत रीचार्ज करने की आवश्यकता है| क्लिक करें www.jio.com/r/eE9H0HCFv या नज़दीकी जियो रीटेलर से संपर्क करें|अन्य प्लान के लिए 1991 पर कॉल करें।धन्यवाद।
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
सहरसा, बिहार।
'नियोजित शिक्षकों को मिला दीपावली का तोहफा'
'वेतन के लिए तीन सौ करोड़ की राशि विमुक्त'
अखबार का यह हेडलाइन पढ़ते ही केतन का चेहरा खिल उठा। आँखें चमकने लगीं। उसने लाल चाय की चुस्की लेते हुए कप को किनारे रखा और अपने मोबाईल से समाचर की तस्वीर लेकर तुरंत 'नियोजित शिक्षक- समूह' पर प्रेषित कर दिया।
समाचार प्रेषित होने की देरी थी कि शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
- शर्मा जी ये किस अखबार का कटिन है?
- जागरण का।
- चलो, इंतजार की घड़ी ख़तम हुई!
- मिल जाए तब तो!
- आप भी न! अब कैसे नहीं मिलेगी? सरकार ने राशि विमुक्त कर दी है!
- राय जी भूल गए.... वेतन तो दुर्गा पूजा में मिलने वाली थी! जब तक हाथ न आ जाए तब तक......
- यार बहुत कड़की चल रही है! हाथ पूरा खाली है!
एडविन महोदय का फरमान- "समूह के सभी मित्रो से विनम्र निवेदन है कि कृपया समूह पर निजी संवाद न करें। समूह की मर्यादा का ध्यान रखें। अन्यथा......."
केतन के मुँह का स्वाद बिगड़ गया। उसने चाय को एकबारगी हलक़ में उतार दिया।
धनतेरस आ गया।
बाज़ार सज गये।
लोग सज- सँवर कर अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए बाज़ार निकल पड़े।
केतन मोबाइल पर आ रहे हर मैसेज पर नज़र गड़ाए हुआ था। मैसेज आ रहे थे कभी 'हैप्पी धनतेरस' तो कभी 'दीपावली की अग्रिम बधाईयाँ ।
दीपावली आ गयी।
दीप जल उठे। चारों ओर जगमग।
केतन के घर में रोज़ की तरह आज भी वही लैम्प जल रहा था। बस, और दिनों की अपेक्षा किसी ने उसकी कान अधिक ऐंठ दी थी।
मोबाइल पर झन्न से मैसेज आया। केतन की आँखें चमक उठीं। मैसेज था कि आपके जियो नंबर 6201464897 के प्लान की वैधता 07-10-2018 (अर्थात् उसी रात) को समाप्त हो जाएगी|सेवायें अखंडित चालू रखने के लिए आपको तुरंत रीचार्ज करने की आवश्यकता है| क्लिक करें www.jio.com/r/eE9H0HCFv या नज़दीकी जियो रीटेलर से संपर्क करें|अन्य प्लान के लिए 1991 पर कॉल करें।धन्यवाद।
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
सहरसा, बिहार।
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