लोग अक्सर पूछते हैं
कि क्या आप संघी हैं?
आज आजिज होकर
कह रहा हूँ कि जी हाँ!
मैं संघी हूँ।
मैं सदस्य हूँ उस संघ का
जिसमें आदमी बहुत है,
पर कोई हिन्दू नहीं है
कोई मुसलमान नहीं है
कोई सिक्ख नहीं है
कोई ईसाई भी नहीं है
और मैं विश्वास के साथ कहता हूँ
कि इस संघ के मुद्दे भी बहुत हैं,
पर मुद्दे नहीं हैं-
मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारा,
हिन्दुत्व या इस्लामत्व।
मुद्दा है आदमी
आदमी की सुखचैन
आदमी का अस्तित्व
और उसकी पहचान।
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
सहरसा, बिहार।
कि क्या आप संघी हैं?
आज आजिज होकर
कह रहा हूँ कि जी हाँ!
मैं संघी हूँ।
मैं सदस्य हूँ उस संघ का
जिसमें आदमी बहुत है,
पर कोई हिन्दू नहीं है
कोई मुसलमान नहीं है
कोई सिक्ख नहीं है
कोई ईसाई भी नहीं है
और मैं विश्वास के साथ कहता हूँ
कि इस संघ के मुद्दे भी बहुत हैं,
पर मुद्दे नहीं हैं-
मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारा,
हिन्दुत्व या इस्लामत्व।
मुद्दा है आदमी
आदमी की सुखचैन
आदमी का अस्तित्व
और उसकी पहचान।
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
सहरसा, बिहार।
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