विकास गुम हो गया
कहीं किसी अमीरों की गली में
उसे नेताजी खोजकर ला ही रहे थे
गरीबों की बस्ती तक वादे के अनुरूप
कि बीच में ही किसी ने कर लिया अपहरण
विकास का और मुँह ताकते रह गए लोग
उसे बंद कर लिया किसी ने
अपनी मजबूत तिजोरी में,
जिसकी एक चाभी नेताजी को भी मिली
अबकी बार वे फिर से विकास को
लाने का वादा कर रहे हैं,
जिस पर भूखी-नंगी जनता
फिर से ताली बजा रही है!
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
कहीं किसी अमीरों की गली में
उसे नेताजी खोजकर ला ही रहे थे
गरीबों की बस्ती तक वादे के अनुरूप
कि बीच में ही किसी ने कर लिया अपहरण
विकास का और मुँह ताकते रह गए लोग
उसे बंद कर लिया किसी ने
अपनी मजबूत तिजोरी में,
जिसकी एक चाभी नेताजी को भी मिली
अबकी बार वे फिर से विकास को
लाने का वादा कर रहे हैं,
जिस पर भूखी-नंगी जनता
फिर से ताली बजा रही है!
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
जी
ReplyDeleteसही