गुरु : "अच्छा वत्स! यह बताओ कि प्रजातंत्र की सफलता का राज क्या है?"
चेला : "गरीबी!"
गुरु : "नहीं।
चेला : "भुखमरी!"
गुरु : "नहीं।"
चेला :"बेरोजगारी।"
चेला : "अशिक्षा!"
गुरु : "नहीं।"
चेला : "साम्प्रदायिकता!"
गुरु : "नहीं.....बिलकुल नहीं!"
चेला : "गुरुदेव! तब प्रजातंत्र की सफलता का राज क्या है?"
गुरु : "राजतंत्र बनाम वंशतंत्र!"
डाॅ. उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार और ब्लाॅगर
संपर्क : 6201464897
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