वह कौन, जिसने बजा दिया
मेरे अंतस की वीणा का तार ?
तप्त मरु में बहा दिया सरिता
नीरस मन में जगा दिया प्यार ?
वह कौन,जिसे पा नहीं सकते
वह कौन, जिसे खो नहीं सकते,
जिसके साथ हँस नहीं सकते
जिसके लिए रो नहीं सकते ?
वह कौन, जिसका स्पंदन सुनता हूँ
वह कौन, जिसके सपने बुनता हूँ?
वह कौन, जो मेरे भीतर गाता है
वह कौन, जो हर पल बुलाता है?
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
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