आदमी होने की
यह कोई शर्त नहीं
कि वह आदमी- सा दिखें,
आदमी होने की शर्त है
कि वह सही दाम पर बिके
आदमी होने की
यह कोई शर्त नहीं कि
वह दूसरों के लिए जिये
शर्त यह है कि
वह दूसरों का खून पिये
आदमी होने की
यह कोई शर्त नहीं कि
वह किसी के दर्द में रोए
शर्त यह है कि वह
किसी की चीख सुन
चैन से सोए।
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
Behtarin hai
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