'मीडिया' अंग्रेजी के 'मीडियम' शब्द से निर्मित है, जिसका हिन्दी अर्थ है-'माध्यम'। वस्तुत: मीडिया माध्यम है व्यक्त को समूह या समाज से जोड़ने का। अपने उद्भव काल से ही मीडिया ने भावों और विचारों के सम्प्रेषण का कार्य किया है। आज इसकी सीमा किसी क्षेत्र विशेष में आबद्ध नहीं है। मीडिया नूतन आयामों ने वैश्विक फलक पर सफल सम्प्रेषण आरंभ कर दिया है। खासकर मीडिया के इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों ने 'कर लो दुनिया मुट्ठी में' के मुहावरे को सिद्ध कर दिया है। टेलीविजन की जादुई शक्ति ने जो मार्ग प्रशस्त किया, उस पर इन्टरनेट के सहारे स्मार्ट फोन ने अपना परचम लहरा दिया है। मोबाइल के माध्यम से अनेक सोशल साइट्स ने वैश्विक सम्प्रेषण को उत्कर्ष पर पहुँचा दिया है। फ़ेसबुक, यूट्यूब, इस्टाग्राम, ट्यूटर तथा ब्लाॅग के प्रसार के कारण सूचना-प्रसारण सहज सुलभ हो गया है। अखबार जिस समाचार को कल लेकर आने वाला होता है, रेडियो जिसे घंटों बाद प्रसारित करता है, वह काम सोशल साइट्स प्रसारित सेकेण्ड में कर देता है। इसे वास्तव में वैश्विक सम्प्रेषण का नया दौर कहा जा सकता है।
समाज में घट रही अच्छी-बुरी घटनाओं को शीघ्रता से जन-जन तक प्रसारित करने की होड़ में सोशल मीडिया अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही है। मीडिया के इस रूप ने ज्ञानार्जन के साथ-साथ धनार्जन का भी मार्ग खोल दिया है। यूट्यूब तथा ब्लाॅग सूचना-प्रसारण के साथ कमाई का जरिया भी बन गया है। ब्लाॅग की दुनिया ने लेखकों-कवियों को अपनी रचनाओं को स्वयं प्रकाशित करने का विकल्प उपलब्ध कराया है, जिसके कारण सृजन को भी गति मिली है। आज जिनमें प्रतिभा है, उसके लिए मीडिया के समस्त साधन एक शानदार अवसर प्रदान करता है।
अतएव, कहा जा सकता है कि मीडिया के समस्त साधनों में नवाचार दृष्टिगत होता है, वह आधुनिक मानव को सम्प्रेषण का नित-नूतन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। इसी कारण वैश्विक सम्प्रेषण सहज हो सका है।
डाॅ. उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार एवं ब्लाॅगर
संपर्क : 6201464897
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