आदमी को आदमी की तरह देखना!
आदमी को आदमी की तरह सुनना!!
आदमी को आदमी की तरह बुनना!!!
अगर गुनाह हो तो जरूर टोकना मुझे!
आदमी को आदमी के फर्मे पर तौलना !
आदमी को आदमी बनाने को बोलना!!
आदमी को आदमीयत की ओर ठेलना !!!
अगर गुनाह हो तो जरूर टोकना मुझे!
आदमी की आदमीयत के लिए लड़ना!
आदमी की जरूरतों के लिए कुछ करना!!
आदमीयत के लिए संघर्ष करते हुए मरना!!
अगर गुनाह हो तो जरूर रोकना मुझे!!!
डॉ. उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
आदमी को आदमी की तरह सुनना!!
आदमी को आदमी की तरह बुनना!!!
अगर गुनाह हो तो जरूर टोकना मुझे!
आदमी को आदमी के फर्मे पर तौलना !
आदमी को आदमी बनाने को बोलना!!
आदमी को आदमीयत की ओर ठेलना !!!
अगर गुनाह हो तो जरूर टोकना मुझे!
आदमी की आदमीयत के लिए लड़ना!
आदमी की जरूरतों के लिए कुछ करना!!
आदमीयत के लिए संघर्ष करते हुए मरना!!
अगर गुनाह हो तो जरूर रोकना मुझे!!!
डॉ. उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
0 Comments:
Post a Comment