लघुकथा
नया कानून
'बेचन सदा का नाम एपीएल में ?'-घुरनी बौखला गयी-"गाँव भर का धनसेठ......जमीन-जथा आ घर-घरारी वाले लोग जब खैरात और अंतोदय का अनाज खाने लगेगा तो हम जैसन गरीब का क्या होगा ?"
वह रतन बाबू और जुगेसर यादव को चावल तौलवाते देखकर खींज गयी। लेकिन बेचन अब भी चुप था।वह अपना नाम एपीएल में सुनकर घुरनी का डेन(बाँह) पकड़ा और सीधे भीड़ से बाहर आ गया।घुरनी अब तक गुस्से से काँप रही थी।
बेचन को अपनी पत्नी पर गुस्सा गया-"अरे तू मुरूख जनानी है,कुच्छो समझेगी कहाँ से-सरकार का नया कानून आया है कि सब मेहनतकस, मजदूर, कामगार जेकरा बाजू में तागत है-एपीएल में रहेगा और निठल्ला,कामचोर,जेकरा हड्डी में घून लग गया है-बीपीएल में रहेगा।...... मुफत का अनाज खाके जिएगा।"
घुरनी को रातभर ठीक से नींद नहीं आयी। वह सरकार के नये कानून पर तजबिज करती रही।सुबह आँखें खुलीं तो बेचन गायब था। रात को लौटा ,पूछने पर भी वह कुछ नहीं बोला। दूसरे दिन फिर गायब।
तीसरे दिन जब वह नौ बजे रात को लौटा तो कपार पर पचसकिलवा बोरा था-परवल चावल का। घुरनी का चेहरा खिल गया। अब उसे सरकार के नये कानून में कुछ खराबी नहीं दिख रहा था। बच्चों ने बोरे को चौतरफ से घेर लिया।बेचन अपने परिवार को खुश देखकर मूँछ टेरने लगा।
उमेश कुमार शर्मा
हिन्दी लेखक/ब्लागर
नया कानून
'बेचन सदा का नाम एपीएल में ?'-घुरनी बौखला गयी-"गाँव भर का धनसेठ......जमीन-जथा आ घर-घरारी वाले लोग जब खैरात और अंतोदय का अनाज खाने लगेगा तो हम जैसन गरीब का क्या होगा ?"
वह रतन बाबू और जुगेसर यादव को चावल तौलवाते देखकर खींज गयी। लेकिन बेचन अब भी चुप था।वह अपना नाम एपीएल में सुनकर घुरनी का डेन(बाँह) पकड़ा और सीधे भीड़ से बाहर आ गया।घुरनी अब तक गुस्से से काँप रही थी।
बेचन को अपनी पत्नी पर गुस्सा गया-"अरे तू मुरूख जनानी है,कुच्छो समझेगी कहाँ से-सरकार का नया कानून आया है कि सब मेहनतकस, मजदूर, कामगार जेकरा बाजू में तागत है-एपीएल में रहेगा और निठल्ला,कामचोर,जेकरा हड्डी में घून लग गया है-बीपीएल में रहेगा।...... मुफत का अनाज खाके जिएगा।"
घुरनी को रातभर ठीक से नींद नहीं आयी। वह सरकार के नये कानून पर तजबिज करती रही।सुबह आँखें खुलीं तो बेचन गायब था। रात को लौटा ,पूछने पर भी वह कुछ नहीं बोला। दूसरे दिन फिर गायब।
तीसरे दिन जब वह नौ बजे रात को लौटा तो कपार पर पचसकिलवा बोरा था-परवल चावल का। घुरनी का चेहरा खिल गया। अब उसे सरकार के नये कानून में कुछ खराबी नहीं दिख रहा था। बच्चों ने बोरे को चौतरफ से घेर लिया।बेचन अपने परिवार को खुश देखकर मूँछ टेरने लगा।
उमेश कुमार शर्मा
हिन्दी लेखक/ब्लागर
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