जब समाज गंदा हो जाए
कानून भी अंधा हो जाए
राजनीति धंधा हो जाए
जग को नव पाठ पढ़ाना
एक बार अटल फिर आना
जब चीन धमकी दे जाए
पाक उधर से आँख दिखाए
सत्ताधारी जब घबराए
तुम अपनी शान दिखाना
एक बार अटल फिर आना
जब भूखों मरती हो जनता
रक्षक से डरती हो जनता
आत्महनन करती हो जनता
उनमें उत्साह जगाना
एक बार अटल फिर आना
आना भारती के आंगन में
भारत जन के अंतर्मन में
साहित्य-सृजन के प्रांगण में
उजड़े उपवन को सजाना
एक बार अटल फिर आना।
अटल बिहारी वाजपेयी को
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
कानून भी अंधा हो जाए
राजनीति धंधा हो जाए
जग को नव पाठ पढ़ाना
एक बार अटल फिर आना
जब चीन धमकी दे जाए
पाक उधर से आँख दिखाए
सत्ताधारी जब घबराए
तुम अपनी शान दिखाना
एक बार अटल फिर आना
जब भूखों मरती हो जनता
रक्षक से डरती हो जनता
आत्महनन करती हो जनता
उनमें उत्साह जगाना
एक बार अटल फिर आना
आना भारती के आंगन में
भारत जन के अंतर्मन में
साहित्य-सृजन के प्रांगण में
उजड़े उपवन को सजाना
एक बार अटल फिर आना।
अटल बिहारी वाजपेयी को
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
उमेश कुमार शर्मा
युवा रचनाकार
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